सूरज का आगमन जलाता आस का दीप ,
सूरज का आगमन जलाता आस का दीप ,
अंधकार होगा समाप्त होगा उजास ...फैलेगा प्रकाश
खिलेंगे पुष्प और जीवन दौड़ेगा कठिन राहों पर भी
एक छोर से दूसरे छोर गूंजेगा संगीत मदिर मदिर मद्धम स्वर में
सो जाएगी निराशा भी ..आशा के काँधे सर टिका .- विजयलक्ष्मी
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